
मुंबई : छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ के 25 जवानों के मारे जाने के बाद देश भर में रोष और शोक व्याप्त है। देश की जनता व विभिन्न राजनैतिक दलों के लोग सोशल मिडिया के विभिन्न माध्यमों व कैंडल मार्च के द्वारा अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कर रहे हैं।
मुंबई के अंधेरी क्षेत्र में कॉंग्रेस पार्टी के पदाधिकारी संजीव सिंह के द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से एक कैंडल मार्च का आयोजन किया गया था। यह कैंडल मार्च नागरदास रोड से अंधेरी स्टेशन के पास स्थित शहीद स्मारक तक निकाला गया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के लगभग सभी वरिष्ठ पदाधिकारी नदारद रहे। कार्यक्रम के आयोजक संजीव सिंह ने दुखी मन से कहा कि यह एक नैतिक कार्यक्रम था और उन्होंने सभी को सूचित भी कर दिया था। देश का जिम्मेद्दार नागरिक होने के नाते और कांग्रेस पार्टी के एक सिपाही के रूप में उन्होंने अपने काम को कर दिया। अब यह लोगो पर निर्भर करता है कि वे ऐसे कार्य्रकमों को कितना महत्व देते हैं।गौरतलब है कि आज देश में राष्ट्रवाद और सेना की शहादत पर हर कोई देशभक्त बन रहा है।
ऐसे मुद्दों पर हर राजनैतिक पार्टी के नेता व कार्यकर्त्ता खुद की भूमिका सोशल मिडिया पर प्रस्तुत कर देता है। बाद के कुछ दिनों में सब कुछ सामान्य सा हो जाता है। ऐसे ही जब बी.एस.एफ के जवान तेजबहादुर यादव के ख़राब खाने की शिकायतवाली वीडियो वायरल हुई, तब देश के हर नेता व नागरिक की थाली का स्वाद बिगड़ गया था। हर किसी को तेजबहादुर का दुःख अपना दुःख लगने लगा था। आज जब सेना के द्वारा तेजबहादुर को निलंबित कर दिया गया है, तब एक छोटे से शोर शराबे के बाद हर कोई शांत है।
तेजी से आती खबरों के साथ साथ लोगो की सोच भी बदलती जा रही है। ऐसी ही सोच कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी के द्वारा आयोजित इस कैंडल मार्च में सही साबित हो गयी। ऐसे मामलों में देश के अन्य राजनैतिक दलों की भी सोच एक समान ही है।


